पकौड़े बेचकर पीएफ घोटाले का किया विरोध

पीएफ फंड घोटाले के विरोध में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने दूसरे दिन कार्य बहिष्कार कर मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री की बुद्धि शुद्धि के लिए हवन यज्ञ किया। उन्होंने विरोध में पकौड़े तलकर लोगों को बेचे। दो दिन के कार्य बहिष्कार के कारण विद्युत विभाग का 30 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ है। बुधवार से कर्मचारी काम पर वापस आ जाएंगे। उधर, जूनियर इंजीनियर चार दिन के लिए हड़ताल पर चले जाएंगे।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर बिजली कर्मचारियों व अभियंताओं का 48 घंटे का कार्य बहिष्कार मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने फिर प्रदेश के मुख्यमंत्री से मांग की है कि वह प्रभावी हस्तक्षेप करें। जिससे प्राविडेंट फंड के भुगतान की जिम्मेदारी लेकर प्रदेश सरकार गजट नोटिफिकेशन जारी करे, जिससे बिजली कर्मचारी व अभियंता निश्चिंत होकर अपने कार्य में पूर्ण मनोयोग से जुटे रह सके। कार्य बहिष्कार के बाद संघर्ष समिति की कोर कमेटी की बैठक 20 नवंबर को बुलाई गई है। कार्य बहिष्कार के दौरान कर्मचारियों ने सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा का चित्र रखकर बुद्धि शुद्धि के लिए हवन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों की मदद करने के बजाय उनके खिलाफ रासुका लगाने की धमकी दे रही है। इस दौरान प्रभात सिंह, आरके राणा, शेर सिंह त्यागी, भारत सिंह, राज सिंह, रामनारायण, योगेंद्र लाखा, धीरज सिंह, रविंद्र, पंकज, अतुल गुप्ता, रजनीश, दीपक, नाहर सिंह, आलोक, सौरव, मन्नू, सिद्धार्थ मिश्रा, आशीष अस्थाना, रामयश, अवधेश आदि मौजूद रहे।कर्मचारियों ने पीएफ घोटाले के विरोध में मुख्य अभियंता कार्यालय में पकौड़े तले। कर्मचारियों ने कहा कि 590 रुपये के पकौड़े बेचे गए। उन्होंने कहा कि सरकार ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की और पैसे का वापस नहीं लिया तो पकौड़े बेचकर ही उसकी पूर्ति करनी पड़ेगी।
20 नवंबर से चार दिन के कार्य बहिष्कार पर जेई
संघर्ष समिति ने पीएफ फंड घोटाले के विरोध में जूनियर इंजीनियर्स संगठन द्वारा 20 नवंबर से चार दिन के लिए हड़ताल पर जाने की घोषणा की है। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया कि वह 2600 करोड़ रुपये की धनराशि के भुगतान की मांग नहीं कर रहे हैं। उनकी मांग है कि इस धनराशि के भुगतान की गारंटी सरकार ले और गारंटी का नोटिफिकेशन जारी करे। मांग की है कि मुख्यमंत्री के 02 नवंबर की घोषणा के अनुपालन में प्राविडेंट फंड घोटाले की सीबीआई जांच तत्काल प्रारंभ हो। घोटाले के मुख्य आरोपी पावर कारपोरेशन के पूर्व चेयरमैन जो ट्रस्ट के भी चेयरमैन थे को तत्काल बर्खास्त कर गिरफ्तार किया जाए।